लक्ष्मी माता
श्री लक्ष्मी चालीसा दोहा
मातु लक्ष्मी करुणामयी, सुन लो मेरी बात।
धन, धान्य और सुख प्रदान, रखो सदा तुम साथ॥
जय-जय लक्ष्मी जगत जननी।
भक्तों की तुम हो हितकरनी॥
विष्णु प्रिया वैकुण्ठ निवासी।
करुणा बरसाओ अविनाशी॥
कमलासन पर सदा विराजो।
भक्तों के मन में तुम राजो॥
चार भुजाओं में शोभा पाती।
शंख, पद्म, अमृत बरसाती॥
दीन-दुखी की लाज बचाओ।
सुख-समृद्धि घर-घर लाओ॥
शुक्रवार जो व्रत अपनावे।
माँ लक्ष्मी की कृपा वह पावे॥
दीप जलाकर जो गुण गावे।...
धन, धान्य और सुख प्रदान, रखो सदा तुम साथ॥
जय-जय लक्ष्मी जगत जननी।
भक्तों की तुम हो हितकरनी॥
विष्णु प्रिया वैकुण्ठ निवासी।
करुणा बरसाओ अविनाशी॥
कमलासन पर सदा विराजो।
भक्तों के मन में तुम राजो॥
चार भुजाओं में शोभा पाती।
शंख, पद्म, अमृत बरसाती॥
दीन-दुखी की लाज बचाओ।
सुख-समृद्धि घर-घर लाओ॥
शुक्रवार जो व्रत अपनावे।
माँ लक्ष्मी की कृपा वह पावे॥
दीप जलाकर जो गुण गावे।...
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