विष्णु जी
श्री विष्णु चालीसा दोहा
श्री विष्णु भगवान को, करूँ प्रणाम अपार।
पालनहार जगत के, हरो सकल संताप॥
जय-जय विष्णु जग पालनहारे।
भक्तों के तुम सदा सहारे॥
शंख चक्र गदा पद्म धारी।
चार भुजाधर मंगलकारी॥
पीताम्बर तन शोभा पावे।
वैजयंती माला सुहावे॥
गरुड़ वाहन परम सुहाए।
लक्ष्मी संग सदा विराजे॥
क्षीरसागर शयन तुम्हारा।
सारे जग का तुम ही सहारा॥
मत्स्य, कूर्म और वराह बने।
धर्म रक्षा हित अवतार धरे॥
नरसिंह रूप भक्त उबारा।
प्रह्लाद का तुमने रख...
पालनहार जगत के, हरो सकल संताप॥
जय-जय विष्णु जग पालनहारे।
भक्तों के तुम सदा सहारे॥
शंख चक्र गदा पद्म धारी।
चार भुजाधर मंगलकारी॥
पीताम्बर तन शोभा पावे।
वैजयंती माला सुहावे॥
गरुड़ वाहन परम सुहाए।
लक्ष्मी संग सदा विराजे॥
क्षीरसागर शयन तुम्हारा।
सारे जग का तुम ही सहारा॥
मत्स्य, कूर्म और वराह बने।
धर्म रक्षा हित अवतार धरे॥
नरसिंह रूप भक्त उबारा।
प्रह्लाद का तुमने रख...
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